मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने निर्देश दिए हैं कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान की सफलता के लिए ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं, जिन पर पूरी जानकारी रखने वाले प्रशिक्षित व्यक्ति नियुक्त हों। इसका उद्देश्य है कि हर पात्र नागरिक अपने मताधिकार का सही प्रयोग कर सके और मतदाता सूचियों में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
🔍 अभियान की प्रमुख तैयारियाँ:
- बीएलओ, सूचना सहायक, पर्यवेक्षक और स्वयंसेवकों की समयबद्ध नियुक्ति और प्रशिक्षण
- रैंडम चेकिंग के लिए विशेष निरीक्षण दलों का गठन
- राजनीतिक दलों से समन्वय कर बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्ति
- पोलिंग स्टेशनों का रेशनलाइजेशन — दूरी, पहुंच और सुविधाओं के आधार पर
- IEC गतिविधियों के माध्यम से आमजन तक सरल और प्रभावी जानकारी पहुंचाना1
📊 पृष्ठभूमि: राजस्थान में यह अभियान 2002 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर किया जा रहा है। 43 मास्टर ट्रेनर्स को 41 जिलों के लिए प्रशिक्षित किया गया है, जो बीएलओ को ट्रेनिंग देंगे और 5.75 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचकर घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे1।
यह अभियान आगामी चुनावों में सटीक और समावेशी मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।