मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सलूम्बर जिले के केनर गांव स्थित धौलागढ़ धाम में श्रावण कुंभ महोत्सव के दौरान कहा कि संतों के कारण ही सनातन संस्कृति आज दुनिया में श्रेष्ठ मानी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आस्था केंद्रों और संस्कृति का निरंतर उत्थान हो रहा है। भागवत कथा जीवन को सार्थक और कष्टमुक्त बनाने की राह दिखाती है। संतों के विचार समाज में भाईचारा और सकारात्मकता फैलाते हैं।
सरकार ने ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को अपनाकर प्रदेश के प्रमुख आस्था स्थलों का कायाकल्प शुरू किया है। बजट 2025-26 में त्रिपुरा सुंदरी, मानगढ़ धाम, बेणेश्वर धाम, सीतामाता अभयारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर और मातृकुंडिया जैसे जनजातीय स्थलों को पर्यटन सर्किट में शामिल किया गया है। साथ ही ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर, खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी, तनोट माता और करणी माता मंदिर जैसे स्थलों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा विकसित की जा रही है।
प्रयागराज महाकुंभ में राजस्थान के श्रद्धालुओं के लिए विशेष कैंप लगाया गया, जिसमें मुफ्त भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा और हेल्थ डेस्क की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले मानसून में सभी बांध भर गए थे और इस वर्ष जुलाई में ही अधिकांश बांध भर चुके हैं, जिससे किसानों का जीवन खुशहाल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के उत्थान से ही प्रदेश और देश का विकास संभव है। मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों से सामाजिक जागरूकता को नई दिशा दी है। राज्य सरकार राजीविका के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है और बेटियों के लिए मुफ्त शिक्षा, आवास और परिवहन की सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत पिछले वर्ष 7 करोड़ पौधे लगाए गए और इस वर्ष 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य है। अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने की योजना है। उन्होंने समाज में भाईचारा बनाए रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक श्रीचंद कृपलानी, शांता मीणा, उदयलाल डांगी, फूल सिंह मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।