पादूकलां: कस्बे के मेवड़ा रोड पर स्थित राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने झूलती 11 केवी विद्युत लाइन ग्रामीणों के लिए रोज़ का खतरा बन चुकी है। रविवार सुबह इस लापरवाही की बड़ी मिसाल तब देखने को मिली जब गौशाला के लिए चारा लेकर जा रहा ट्रक ऊंचे भरे चारे के कारण ढीले तारों से टकरा गया।
ट्रक के तारों को छूते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण घरों और दुकानों से बाहर निकल आए, और कुछ ही पलों की देरी एक बड़े हादसे में बदल सकती थी। चश्मदीदों के अनुसार, हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से आग लगने का खतरा बन गया था। मरीजों को लेकर आती एम्बुलेंसें और स्कूल बसें तुरंत रुक गईं।
ग्रामीणों ने फुर्ती दिखाते हुए तुरंत बिजलीघर को फोन कर सप्लाई बंद करवाई, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हो सकी। यदि कुछ सेकंड की भी देर होती, तो ट्रक, चालक और आसपास मौजूद लोग गंभीर हादसे का शिकार हो सकते थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क स्कूल बसों, एम्बुलेंसों और चारा वाहनों की मुख्य मार्ग है, इसके बावजूद विभाग ने ढीली पड़ी लाइन को ऊंचा करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतों और शिविरों में मुद्दा उठाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
अस्पताल प्रबंधन ने भी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि “अस्पताल के ठीक सामने यह स्थिति मरीजों, एम्बुलेंस स्टाफ और बच्चों के लिए जानलेवा है।”
अब ग्रामीणों ने बिजली विभाग को अल्टीमेटम देते हुए 11 केवी लाइन को तुरंत ऊंचा उठाने और स्कूल–अस्पताल मार्ग को हाई रिस्क ज़ोन घोषित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है — “अब कार्रवाई नहीं, समाधान चाहिए। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो पूरा गांव सामूहिक विरोध करेगा।”