PM Modi ने राजस्थान को बताया “राइजिंग”, निवेश समिट में 35 लाख करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर
PM Modi ने सोमवार को जयपुर में आयोजित “राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट” का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान की विशेषताओं और उसकी समृद्धि की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए इसे एक “राइजिंग” और “रिलायबल” राज्य बताया। साथ ही, उन्होंने राज्य के विशाल क्षेत्रफल और यहां के लोगों के बड़े दिल का जिक्र किया और इसे राजस्थान की ताकत के रूप में प्रस्तुत किया।
राजस्थान के सामर्थ्य पर प्रकाश डालते हुए PM Modi ने कही बड़ी बातें
PM Modi ने कहा, “राजस्थान राइजिंग तो है ही, यह रिलायबल भी है और रिस्पॉन्सिव भी है। समय के साथ खुद को रिफाइन करना राजस्थान की ताकत है। चुनौतियों से टकराना और नए अवसर बनाना ही राजस्थान का स्वभाव है।” उन्होंने राज्य के विकास की दिशा और वहां के लोगों की मेहनत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य अब केवल प्राचीन धरोहरों और संस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि नवाचार और उद्योगों के लिए भी जाना जाएगा।
सीएम भजनलाल शर्मा ने किया 35 लाख करोड़ के एमओयू का उल्लेख
सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि इस समिट से पहले ही राज्य सरकार ने 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू विभिन्न कंपनियों के साथ किए हैं। इससे राज्य में औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं उत्पन्न होंगी और यह निवेश राजस्थान के लोगों के लिए प्रत्यक्ष लाभ लाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि समिट का आयोजन इस उद्देश्य से किया गया है ताकि अगले चार सालों में निवेश को धरातल पर उतारा जा सके और राज्य के विकास को और गति मिल सके।
राजस्थान की ताकत – प्राकृतिक संसाधन और आधुनिक कनेक्टिविटी
PM Modi ने राजस्थान की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य के पास विशाल प्राकृतिक संसाधन हैं, जो उद्योगों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य की आधुनिक कनेक्टिविटी की भी सराहना की, जिसमें सड़क, रेलवे, और हवाई मार्ग शामिल हैं, जो राज्य को एक वैश्विक व्यापारिक केंद्र बनाने में मदद करेंगे।
उन्होंने कहा, “राजस्थान के पास केवल संसाधन ही नहीं, बल्कि राज्य में एक समृद्ध विरासत, युवा शक्ति और एक समृद्ध हॉस्पिटैलिटी उद्योग भी है। राज्य के कारीगरों की मेहनत, बॉलीवुड की चमक, और हैंडीक्राफ्ट उद्योग का अनूठा संगम है। यही राजस्थान की ताकत है।”
समिट के उद्देश्य और विकास की दिशा
PM Modi ने इस समिट के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह निवेश समिट राजस्थान के समग्र विकास में सहायक होगी। कृषि, उद्योग, और पर्यटन क्षेत्र में होने वाले निवेश से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में आज के समय में एक स्थिर और मजबूत सरकार है, जो निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बना रही है। इसके साथ ही, उन्होंने विश्वास जताया कि यह समिट आगामी वर्षों में राज्य को एक वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
समिट में शामिल हुए प्रमुख उद्योगपति
समिट में कई प्रमुख उद्योगपतियों ने भी भाग लिया, जिनमें गौतम अडाणी, कुमार मंगलम बिड़ला, आनंद महिंद्रा, और अन्य कारोबारी नेता शामिल थे। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, और पांच हजार से अधिक निवेशक, व्यापार जगत के अधिकारी और डेलिगेट्स भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मौजूद थे।
PM Modi ने कहा, “राजस्थान का यह समिट एक मजबूत संदेश भेजता है कि राज्य न केवल अपनी सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां का कारोबार और औद्योगिक क्षेत्र भी तेजी से बढ़ रहा है।”
भविष्य की दिशा और राजस्थान का महत्व
राजस्थान की आर्थिक समृद्धि के बारे में PM Modi ने यह भी कहा कि राज्य को अब केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में भी देखा जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में निवेश के मामले में प्रमुख प्रदेश बनना है।
उन्होंने कहा, “राजस्थान का समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर इसे एक अनूठा राज्य बनाता है, लेकिन आज यह राज्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और उद्योग में भी अग्रणी बन रहा है।”
समिट में इस प्रकार के निवेश समझौतों को लेकर जो उत्साह देखने को मिला है, वह राजस्थान के विकास में नई उम्मीदों का संकेत है।
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