प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में मंगलवार को आई प्राकृतिक आपदा की जानकारी ली। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति को भी जाना।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार पूरी तत्परता से राहत और बचाव कार्यों में जुटी है। लगातार भारी बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयाँ जरूर आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। बातचीत के बाद मुख्यमंत्री स्वयं धराली बाजार, हर्षिल और आसपास के क्षेत्रों में नुकसान का जायजा लेने के लिए सहस्त्रधारा हेलीपैड से रवाना हो गए।
उत्तरकाशी की इस आपदा में धराली और हर्षिल दोनों क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। हर्षिल के तेलगाड़ में बादल फटने से सेना के कैंप को काफी नुकसान पहुंचा है। मलबे में सेना की कुछ चौकियाँ और बंकर दब गए हैं। हालांकि, अब तक किसी जवान के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार, धराली में करीब 25 से 30 लोग लापता हैं और लगभग 20 से 25 होटल व दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। सेब की बागवानी के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई सड़कों के टूटने और बहने के कारण राहत दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। गंगोत्री की ओर बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह बाधित है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।