मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में नियोजित नगरीय विकास, मेडिकल टूरिज्म, ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार, कर्मचारी कल्याण और पदोन्नति संबंधी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा राजस्थान को विश्वस्तरीय मेडिकल वैल्यू ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाने के लिए “हील इन राजस्थान नीति-2025” को मंजूरी दी गई। इस नीति के अंतर्गत आयुर्वेद, योग, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा। निवेशकों को रिप्स, पर्यटन नीति और औद्योगिक नीति के तहत प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही एमवीटी पोर्टल, मोबाइल एप, टेलीमेडिसिन और हेल्पलाइन सेवाओं की शुरुआत होगी।
नवीन टाउनशिप नीति-2024 शहरी विकास को नियोजित रूप देने के लिए टाउनशिप नीति-2024 की घोषणा की गई। इस नीति में खेल मैदान, पार्क, सुविधा क्षेत्र और वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अनिवार्य होगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भूखंड आरक्षित रहेंगे और सेक्टर कॉमर्शियल पॉलिसी के तहत भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी।
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति-2025 राज्य में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल गैस प्रणाली के विस्तार के लिए CGD नीति को मंजूरी मिली। PNG और CNG नेटवर्क को छोटे शहरों तक पहुँचाने के लिए CGD पोर्टल विकसित किया जाएगा। यह नीति 2029 तक प्रभावी रहेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में निवेश तीन ज्वाइंट वेंचर कंपनियों के गठन को मंजूरी दी गई जिनसे 11,200 करोड़ रुपए का निवेश आएगा। ये कंपनियाँ सौर, पवन और गैस आधारित ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करेंगी, जिससे राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और वित्तीय भार में कमी आएगी।
भर्ती और पदोन्नति सुधार वर्तमान में विज्ञापित रिक्तियों की संख्या में 100% तक वृद्धि का प्रावधान किया गया है। साथ ही पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव में 2 वर्ष की छूट दी जाएगी। सचिवालय सेवा नियमों में संशोधन कर पदोन्नति के अनुपात में बदलाव किया गया है।
सेवा नियमों में संशोधन कृषि, पशुपालन, उद्योग, वाहन चालक और चतुर्थ श्रेणी संवर्गों में नए पदनाम और वेतनमान शामिल किए गए हैं। ये बदलाव कार्मिकों को पदोन्नति और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करेंगे।