मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम-लक्ष्मण, हनुमान व भगवान शंकर की झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र
पादूकलां: कस्बे सहित आसपास के गांवों में गुरुवार को विजयदशमी का पर्व बड़े हर्षोल्लास और धार्मिक धूमधाम के साथ मनाया गया। हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में कस्बे के प्रमुख मार्गों से विशाल जुलूस निकाला गया, जिसका जगह-जगह स्वागत किया गया।
जुलूस में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, भगवान शंकर-पार्वती और अनेक देवी-देवताओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र बनीं। डीजे की भक्ति धुनों पर श्रद्धालु झूमते हुए दशहरा मैदान पहुँचे।
रावण का वध और आतिशबाजी से गूंजा आसमान
मेला मैदान में राक्षस रावण का पाप का घड़ा भरने पर भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया।
रावण दहन के साथ ही आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से गूंज उठा और उपस्थित हजारों लोगों ने “जय श्रीराम” के नारे लगाए।
पौराणिक महत्व का स्मरण
विजयदशमी पर्व पर श्रद्धालुओं ने याद किया कि इस दिन मां दुर्गा अपने निवास को लौटती हैं, और भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर विजय प्राप्त की थी।
रावण वध से एक दिन पूर्व श्रीराम ने चंडी पूजा कर देवी दुर्गा की उपासना की थी, जिसके बाद देवी ने उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया।
25 गांवों से उमड़ा जनसैलाब
करीब 25 गांवों से ग्रामीण रावण दहन देखने पहुंचे। आयोजन में हजारों की भीड़ रही। हिंदू उत्सव समिति व ग्रामवासियों ने मिलकर सजीव झांकियां, आतिशबाजी और सजावट से उत्सव को यादगार बना दिया।
शांति व्यवस्था के साये में संपन्न हुआ आयोजन
पुलिस थाना पादूकलां के जवान प्रमुख मार्गों और मेला स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। पुलिस की मौजूदगी में रावण दहन का यह भव्य आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ।
अन्य गांवों में भी उत्सव
ग्राम अरनियाला, सथानाकलां, लांपोलाई और बिखरनियाकलां में भी विजयदशमी का पर्व बड़े उत्साह और परंपरागत तरीके से मनाया गया।