Uttar Pradesh सरकार ने प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र को मंजूरी दी, प्रमुख परियोजनाओं पर चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को Uttar Pradesh सरकार ने कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की स्वीकृति दी। इनमें सबसे अहम निर्णय था राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) की तर्ज पर प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र के प्रस्ताव को मंजूरी देना। इसके साथ ही कई प्रमुख परियोजनाओं, जैसे सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन, और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिल गई। इस बैठक में भाजपा के सहयोगी दल, जैसे अपना दल (एस), निषाद पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा), भी शामिल थे।
प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र का महत्व
Uttar Pradesh: योगी सरकार का उद्देश्य प्रयागराज और चित्रकूट क्षेत्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। प्रयागराज-चित्रकूट डेवलेपमेंट रीजन को एससीआर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यह क्षेत्र कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का हिस्सा बनेगा, जैसे कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, नए उद्योग और रोजगार के अवसर, और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना। मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र के लिए विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की घोषणा की, जिनसे इन जिलों के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेस वे और अन्य महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाएं
Uttar Pradesh: एक और महत्वपूर्ण निर्णय गंगा एक्सप्रेस वे से जुड़ा था। इस एक्सप्रेस वे को प्रयागराज से मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली और गाजीपुर तक जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से संपर्क बनेगा। वाराणसी से चंदौली के रास्ते सोनभद्र को जोड़ने की भी योजना है। यह मार्ग प्रयागराज-विंध्य-काशी एक्सप्रेस वे के रूप में जाना जाएगा। इस कनेक्टिविटी से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि इन क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
नए पुलों और ब्रिज की योजना
Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज के समानांतर एक नए पुल के निर्माण का भी प्रस्ताव दिया। इसके अलावा, प्रयागराज से मिर्जापुर, जौनपुर, वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर के लिए सलोरी-हेतापट्टी झूंसी के बीच एक फोर लेन ब्रिज की मंजूरी दी गई है। यह पुल और ब्रिज यात्रियों के लिए एक नई राहत प्रदान करेंगे और इन क्षेत्रों में संपर्क को आसान बनाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
Uttar Pradesh: प्रयागराज और अन्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बागपत, हाथरस, और कासगंज में मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे, जो स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेंगे। इसके अलावा, बलरामपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की भी मंजूरी दी गई है।
औद्योगिक और रोजगार नीति में सुधार
Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए कई नीतियों को मंजूरी दी। राज्य की औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत, प्रदेश में मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को विशेष सुविधाएं और रियायतें प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही, उप्र औद्योगिक निवेश व रोजगार प्रोत्साहन नीति 2024 को भी मंजूरी दी गई है, जिससे प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
नई योजनाओं के तहत तकनीकी और शैक्षिक संस्थानों का विकास
Uttar Pradesh: युवाओं के कौशल विकास के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के 62 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन का प्रस्ताव भी मंजूरी दी। टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से पांच सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (सीआईआईआईटी) की स्थापना की जाएगी। यह संस्थान युवाओं को नए तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देंगे और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे।
विदेशी निवेश और फॉर्च्यून 500 कंपनियों के लिए प्रोत्साहन
Uttar Pradesh सरकार ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों की घोषणा की। फॉर्च्यून 500 कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से एक नई नीति बनाई गई है। इसके तहत, मेसर्स अशोक लीलैंड लिमिटेड को आवंटित भूमि के लिए सब्सिडी की स्वीकृति दी गई है, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
नई स्वास्थ्य योजनाओं की शुरुआत
Uttar Pradesh: सरकार ने प्रदेश के तीन नए जिलों, हाथरस, बागपत, और कासगंज में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए केंद्र सरकार की वायबिलिटी गैप फंडिंग के तहत पीपीपी मोड पर सफल निविदादाता का चयन करने का प्रस्ताव भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही, बलरामपुर में केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बलरामपुर में परिवर्तित किया जाएगा।
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