शरद पूर्णिमा पर अग्रोया (सोनी) समाज ने धूमधाम से मनाई महाराजा अजमीढ़ की जयंती, भक्ति और एकता का दिखा अनोखा संगम
पादूकलां: कस्बे के स्वर्णकार मोहल्ला में सोमवार को अग्रोया (सोनी) समाज की ओर से महाराजा अजमीढ़ जयंती बड़े हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महाराज अजमीढ़ के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना से हुई।
अमरचंद सोनी ने बताया कि महाराज अजमीढ़ ने अपने जीवनकाल में कई स्वर्णकार गुरुकुलों की स्थापना की थी, जहां स्वर्ण और रजत आभूषण निर्माण की शिक्षा दी जाती थी। वहीं, उप सरपंच हरीश सोनी ने बताया कि हर वर्ष शरद पूर्णिमा के अवसर पर समाज द्वारा महाराजा अजमीढ़ जयंती मनाई जाती है।
कार्यक्रम से पूर्व महाराज अजमीढ़ की शोभायात्रा निकाली गई, जो कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए निर्धारित स्थल पर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की गई और “जय महाराज अजमीढ़” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ सदस्यों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर घनश्याम सोनी, रामकुमार सोनी, श्याम सुंदर सोनी, ओमप्रकाश सोनी, अमरचंद सोनी, सूर्य प्रकाश सोनी, गणपत सोनी, प्रेम प्रकाश सोनी, विष्णु सोनी, जितेंद्र सोनी, हरीश सोनी, संदीप सोनी सहित बड़ी संख्या में अग्रोया (सोनी) परिवार के सदस्य एवं महिलाएँ उपस्थित रहीं।
जयंती समारोह ने समाज में एकता, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव की भावना को पुनर्जीवित किया।