तेजस्वी यादव का मोदी सरकार पर हमला: One Nation-One Election को आरएसएस का एजेंडा करार
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने “One Nation-One Election” यानी एक देश, एक चुनाव के प्रस्ताव को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का एजेंडा बताया है। आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि केंद्र सरकार इस बिल को लागू करने के लिए प्रयासरत है, जो आरएसएस के विचारों के अनुसार देशभर में एक साथ चुनाव कराने की दिशा में एक कदम है।
आरएसएस का एजेंडा: “One Nation-One Election” की जरूरत नहीं
तेजस्वी यादव ने इस प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अगर चुनाव आयोग बिहार जैसे राज्य में एक साथ चुनाव कराना संभव नहीं मानता, तो पूरे देश में एक साथ चुनाव कैसे आयोजित किए जा सकते हैं? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब राज्यों के चुनावों के साथ केंद्र के चुनाव को जोड़ने के लिए चुनाव आयोग के पास पर्याप्त साधन और संसाधन नहीं हैं, तो फिर “One Nation-One Election” का विचार कैसे प्रभावी हो सकता है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस बिल के माध्यम से आरएसएस के विचारों को पूरे देश में लागू करना चाहती है। उनका कहना था कि यह न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज को प्रभावित करेगा, बल्कि यह राजनीतिक क्षेत्र में भी अस्थिरता का कारण बनेगा।
विपक्ष का विरोध: “One Nation-One Election” का विरोध जारी
लोकसभा में मंगलवार को पेश किए गए “One Nation-One Election” प्रस्ताव को लेकर विपक्षी दलों ने अपनी चिंता जताई। आरजेडी समेत अन्य विपक्षी दलों ने इस कदम का विरोध किया, यह कहते हुए कि यह लोकतंत्र को कमजोर करेगा और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों को हनन करेगा। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस प्रस्ताव के माध्यम से केंद्र की सत्ता को और ज्यादा केंद्रीयकरण मिलेगा, जो संविधान के विपरीत है।
तेजस्वी यादव की बिहार यात्रा: बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित
तेजस्वी यादव इस दौरान अपनी बिहार यात्रा के चौथे चरण में कोसी और सीमांचल क्षेत्र का दौरा कर रहे थे। उनका उद्देश्य इस यात्रा के माध्यम से आरजेडी कार्यकर्ताओं से संवाद करना और बिहार में सबसे बड़े मुद्दों, जैसे बेरोजगारी और पलायन, पर ध्यान केंद्रित करना था। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बिहार को देश में सबसे आगे लाना है और इसके लिए वह राज्य में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को सुलझाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
बिहार में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बनी हुई है, और तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राज्य के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी बिहार की स्थिति को सुधारने के लिए कई योजनाएं लेकर आई है, जो राज्य के विकास और युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाने में मददगार साबित होंगी।
क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान: तेजस्वी यादव का संवाद कार्यक्रम
तेजस्वी यादव ने मधेपुरा में कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में शामिल होने से पहले सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की और अपने आगामी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह अपनी यात्रा के दौरान क्षेत्र की समस्याओं से भी अवगत हो रहे हैं और उनकी पार्टी इन समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रही है। उनके अनुसार, “बिहार की समस्याओं का समाधान केवल राज्य सरकार द्वारा नहीं, बल्कि केंद्र से मिलने वाली मदद और समर्थन से ही संभव है।”
तेजस्वी ने यह भी कहा कि उन्होंने बिहार की जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने के लिए आरजेडी पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने प्रदेश की विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह घोषणा की कि पार्टी राज्य के सभी हिस्सों में समान विकास सुनिश्चित करेगी।
“One Nation-One Election” पर तेजस्वी का दृढ़ विरोध
तेजस्वी यादव का यह कहना था कि “One Nation-One Election” का प्रस्ताव राज्यसभा और लोकसभा में पेश किया गया, लेकिन इस पर व्यापक बहस की आवश्यकता है। उनका कहना था कि यह योजना केंद्र की ओर से केवल एक चुनावी रणनीति हो सकती है, जिससे राज्यों के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर यह नीति लागू होती है, तो राज्यों में चुनावों का महत्व कम हो जाएगा, और यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ होगा।
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