‘युवाओं से छल, मिनी सचिवालय और STA पर घेरा, बजट पर अशोक गहलोत का तीखा बयान

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जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वित्त वर्ष 2026-27 के राज्य बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा सरकार के इस बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के हर वर्ग में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ेगी। गहलोत ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकार ने अपने बजट भाषण में रिफाइनरी और ईआरसीपी (ERCP) जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का उल्लेख तक नहीं किया। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले बजट में रिफाइनरी का उद्घाटन अगस्त 2025 तक करने की घोषणा की गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई है।

एक्स पोस्ट के जरिए साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लंबी पोस्ट के माध्यम से भजनलाल सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरियों की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के लिए किसी बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की गई। सीमित पदों पर भी संविदा आधार पर भर्ती की बात कही गई है, जो युवाओं के साथ अन्याय है।

स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए गहलोत ने कहा कि NTA हाल ही में विवादों के केंद्र में रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि STA की घोषणा OMR घोटाले से युवाओं का ध्यान हटाने का प्रयास प्रतीत होती है। साथ ही, RPSC में सदस्यों की संख्या 10 करने के बावजूद रिक्त पद नहीं भरे जाने को लेकर भी सरकार को घेरा।

गरीबों और मीडिया की अनदेखी का आरोप

गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई अन्नपूर्णा राशन किट योजना को बहाल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में गरीबों और जरूरतमंदों के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया के लिए भी बजट में कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे पत्रकार वर्ग निराश है।

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