राजस्थान बजट 2026: 5 लाख परिवारों को डस्टबिन, शहरों में बनेंगे साइलेंट जोन

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जयपुर। विकास की तेज रफ्तार के बीच अक्सर पर्यावरण संरक्षण पीछे छूट जाता है, लेकिन उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बजट 2026 में मरुधरा को ‘ग्रीन और क्लीन’ बनाने का व्यापक विजन प्रस्तुत किया है। यह बजट न केवल प्रदूषण नियंत्रण पर केंद्रित है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य, जीवनशैली और भविष्य की पीढ़ियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

घर-घर से शुरू होगा कचरा पृथक्करण

बजट की प्रमुख घोषणाओं में प्रदेश के 5 लाख बीपीएल परिवारों को दो-दो कचरा पात्र उपलब्ध कराने की योजना शामिल है। इसके लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उद्देश्य है कि गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण घर स्तर से ही सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही जयपुर के सेवापुरा में 125 करोड़ रुपये की लागत से 500 टन प्रतिदिन क्षमता का ‘इंटीग्रेटेड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट’ स्थापित किया जाएगा, जो राजधानी की कचरा समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

प्रदूषण पर डिजिटल निगरानी

उद्योगों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पाली, जोधपुर, बालोतरा और भीलवाड़ा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में 50 करोड़ रुपये की लागत से IoT आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। यह सिस्टम हवा और पानी की गुणवत्ता पर 24 घंटे ऑनलाइन नजर रखेगा। इसके अलावा जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में ‘नॉइज मॉनिटरिंग स्टेशन’ स्थापित किए जाएंगे और ‘साइलेंट जोन’ चिन्हित किए जाएंगे, जहां ध्वनि प्रदूषण पर सख्त पाबंदी होगी। इस योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जोधपुर में ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ भी लगाया जाएगा, जो प्रदूषण बढ़ने से पहले ही चेतावनी जारी करेगा।

किसानों को मिलेगा कार्बन क्रेडिट का लाभ

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सरकार किसानों को ‘चेंज एजेंट’ के रूप में आगे ला रही है। राज्य में पहली बार कार्बन क्रेडिट पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। सूक्ष्म सिंचाई, वानिकी और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने वाले किसानों को कार्बन क्रेडिट दिए जाएंगे, जिन्हें बेचकर वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।

ग्रीन स्कूल और रिसर्च पर जोर

पर्यावरण संरक्षण को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रत्येक जिले में ‘ग्रीन स्कूल प्रोग्राम’ चलाया जाएगा। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए जयपुर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की स्थापना की जाएगी। कुल मिलाकर बजट 2026 में पर्यावरण संरक्षण को नीतिगत प्राथमिकता देते हुए ठोस और दीर्घकालिक कदमों की घोषणा की गई है। सरकार का यह रोडमैप राजस्थान को सतत विकास की दिशा में एक नई पहचान देने की ओर बढ़ता हुआ नजर आता है।

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