नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उनके भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करते हुए “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाए। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि “खड़गे जी की उम्र को देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की इजाजत दी जानी चाहिए”, जिसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 1 घंटा 27 मिनट तक भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, लेफ्ट और डीएमके पर दशकों तक सत्ता में रहते हुए देश को स्पष्ट दिशा न देने का आरोप लगाया।
विपक्ष की राजनीति पर सवाल
पीएम मोदी ने कहा, “ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो मोदी की कब्र खोदने की बात करती है। क्या ये सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का अपमान नहीं है?” उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लंबे समय तक केंद्र की सत्ता में रहे, लेकिन उनकी पहचान भ्रष्टाचार और बोफोर्स जैसे घोटालों से जुड़कर रह गई।
कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों पर हमला
लालकिले से दिए कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के भाषण का एनालिसिस कर लीजिए। इससे पता चल जाएगा कि उनके पास कोई विजन नहीं था। हमारी काफी ताकत उनकी गलतियों को सुधारने में लग रही है। उस दौर में दुनिया के मन में हमारी जो इमेज बनी थी, उसे मिटाने में बहुत मेहनत लगती है।
‘देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार’
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है और MSME सेक्टर के विस्तार से दुनिया का भरोसा भारत पर बढ़ा है।
ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस पर तंज
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में दुनिया के 9 बड़े देशों और एकसाथ 27 देशों के साथ ट्रेड डील की हैं, जिनमें यूरोपियन यूनियन और अमेरिका शामिल हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस के समय डील बोफोर्स होती थी, आज डील गर्व का विषय है।”
नर्मदा डैम का उदाहरण
पीएम मोदी ने कांग्रेस की इम्प्लीमेंटेशन नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि नर्मदा डैम की योजना नेहरू जी के समय शुरू हुई थी, लेकिन दशकों बाद उनके प्रधानमंत्री बनने पर इसका उद्घाटन हुआ। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने किसानों के हक में तीन दिन का अनशन भी किया था।
बैंकिंग सेक्टर और NPA पर दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले नेताओं के फोन पर लोन दिए जाते थे और गरीब बैंक तक नहीं पहुंच पाते थे। उन्होंने दावा किया कि आज NPA 1% से भी नीचे है और बैंकिंग सेक्टर रिकॉर्ड मुनाफे में है।
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