पंजाब में किसान संगठनों का ‘Punjab Bandh’, रेल और सड़क यातायात ठप्प
Punjab Bandh: फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और अन्य 13 प्रमुख मुद्दों पर भूख हड़ताल कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर सोमवार को राज्यव्यापी ‘Punjab Bandh’ शुरू हो गया। इस बंद का उद्देश्य सरकार से अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाना था, जिसमें किसानों द्वारा की जा रही भूख हड़ताल का भी समर्थन किया गया।
रेल और सड़क यातायात प्रभावित
Punjab Bandh के दौरान किसान संगठनों ने रेल और सड़क यातायात को पूरी तरह से ठप्प कर दिया। सुबह सात बजे से लेकर शाम चार बजे तक रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी, और राज्य भर में प्रमुख रेलवे लाइनों और सड़क चौराहों पर धरने दिए गए। इससे रेल यात्रा में भारी अवरोध उत्पन्न हुआ और भारतीय रेलवे ने 106 ट्रेनों को रद्द करने या उनके यात्रा को पहले ही समाप्त करने का निर्णय लिया। इनमें वंदे भारत ट्रेन भी शामिल थी। इसके अलावा, पंजाब में दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर बस सेवाएं भी प्रभावित रही हैं।
किसान नेता सरबन सिंह पंधेर ने कहा कि Punjab Bandh के दौरान आवश्यक सेवाओं को जारी रखने की व्यवस्था की गई है। आपातकालीन सेवाओं, जैसे एंबुलेंस और अस्पतालों की सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावा, शादी समारोहों में भाग लेने वाले व्यक्तियों और एयरपोर्ट पर जाने वालों को भी परेशान नहीं किया जाएगा। अन्य व्यावसायिक सेवाओं, जैसे दुकानें, गैस स्टेशन, पैट्रोल पंप, सब्जी मंडियां और दूध की आपूर्ति बंद रहेगी।
स्कूलों और परीक्षाओं पर असर
Punjab Bandh: सर्दी की छुट्टियों के चलते पहले से ही स्कूल बंद थे। हालांकि, पंजाब यूनिवर्सिटी ने बंद के चलते सोमवार को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित करने का निर्णय लिया है। अब ये परीक्षाएं मंगलवार को आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय ने भी पंजाब बंद के कारण सोमवार को निर्धारित सभी वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है और इन्हें अब 12 जनवरी, 2025 को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
किसान नेताओं की गांधीवादी अपील
Punjab Bandh: खनौरी में किसान नेताओं ने कहा कि उनका विरोध पूरी तरह से गांधीवादी तरीके से होगा। उनका कहना था कि यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह उनके वरिष्ठ नेता डल्लेवाल को हटाने के लिए बल प्रयोग करती है या नहीं। रविवार को पंजाब सरकार के अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय टीम ने खनौरी सीमा पर डल्लेवाल से मुलाकात की। इस टीम में पुलिस के डीआईजी मंदीप सिंह सिद्धू और रिटायर्ड एडिशनल डीजीपी जसकरण सिंह भी शामिल थे। हालांकि, डल्लेवाल ने किसी भी प्रकार की चिकित्सा सहायता लेने से इनकार कर दिया था।
समर्थन की व्यापकता
किसान संगठनों के ‘Punjab Bandh’ के आह्वान के समर्थन में कई प्रमुख संस्थानों और संगठनों ने अपनी समर्थन की घोषणा की है। बार एसोसिएशन फगवाड़ा के अध्यक्ष करणजोत सिंह झिक्का और वरिष्ठ एडवोकेट ललित चोपड़ा ने भी आंदोलनकारी किसानों को पूरा समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं को जल्द हल करने की मांग की है, ताकि किसानों का संघर्ष समाप्त हो सके और मानव जीवन की रक्षा की जा सके।
इसके अलावा, राजस्व पटवार यूनियन पंजाब ने भी किसानों का समर्थन किया है और Punjab Bandh के दौरान अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी किसानों के संघर्ष के समर्थन में अपने कार्यालय और संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने रविवार को इस फैसले की घोषणा की।
रेलवे और बस सेवाओं पर असर
पंजाब में किसानों द्वारा किए गए इस बंद ने रेल और सड़क यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। उत्तर रेलवे ने सोमवार को पंजाब में 106 मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों का परिचालन रद्द किया। इनमें अधिकांश ट्रेनें अंबाला और दिल्ली या सहारनपुर से चलने वाली थीं। इसके अलावा, पंजाब रोडवेज (पीआरटीसी) सहित अन्य बस ऑपरेटर और टैक्सी सेवाएं भी बंद रहेंगी। इसका असर राज्य के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ेगा, जिन्हें किसी प्रकार की यात्रा करने में परेशानी हो सकती है।
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