मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों — भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम — में सजा की तुलना में न्याय पर अधिक जोर दिया गया है। इन कानूनों से आमजन का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो रहा है। राज्य सरकार चाहती है कि इनका क्रियान्वयन करते हुए राजस्थान देशभर में रोल मॉडल बने।
गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करने और नए कानूनों को लागू करने के लिए राज्य सरकार सभी संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित कर रही है।
वीसी रूम्स को मिले प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कोर्ट, जेल, अस्पताल, एफएसएल और सरकारी दफ्तरों में गवाहों के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लेने के प्रावधान के तहत वीसी रूम्स को प्राथमिकता से स्थापित किया जाए और उनमें पर्याप्त सुविधाएं दी जाएं, ताकि गवाह सुरक्षित महसूस करें।
महिलाओं के लिए ‘नीड हैल्प’ फीचर
राज्य सरकार ने राजकॉप ऐप पर महिलाओं के लिए ‘Need Help’ सुविधा शुरू की है, जिससे उन्हें तत्काल सहायता मिल सके। साथ ही, सभी नागरिकों के लिए SOS अलर्ट और जांच की प्रगति की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
फॉरेंसिक और टेक्नोलॉजी पर जोर
नए कानूनों में फॉरेंसिक दक्षता को बढ़ावा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने फॉरेंसिक लैब के आधुनिकीकरण, पर्याप्त मानव संसाधन की नियुक्ति, पुलिस स्टेशनों में राजनेट कनेक्टिविटी और हार्डवेयर की शीघ्र उपलब्धता के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि ई-साक्ष्य और ई-सम्मन ऐप पर सभी जांच अधिकारियों का पंजीकरण हो चुका है, और इलेक्ट्रॉनिक तामील का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बैठक में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, मुख्य सचिव सुधांश पंत, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।