मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को प्रदेश में भारी बारिश से उत्पन्न हालात को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी जलभराव, बांधों और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए।
उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर कार्य करने, निचले इलाकों में सतत निगरानी रखने और कंट्रोल रूम को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और होमगार्ड्स को पर्याप्त संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा।
🌱 हरियालो राजस्थान अभियान का विस्तार मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत पिछले वर्ष 7 करोड़ पौधारोपण हुआ था और इस बार 10 करोड़ पौधों का लक्ष्य है। इसके लिए विभागवार सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी तथा पौधारोपण के उपयुक्त स्थानों का चिन्हीकरण भी किया जाएगा।
💧 जल संरचना और सुरक्षा उपाय अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों और पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। पेयजल, खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। क्षतिग्रस्त सड़कें, नहरें और बांधों की निरंतर निगरानी और मरम्मत हेतु आवश्यक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।
🗣️ जागरूकता और बचाव सूचना प्रचार प्रशासन को निर्देश दिए गए कि चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और आपदा प्रबंधन संबंधी जानकारियाँ आमजन तक पहुंचाई जाएं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय निर्णय लेने को भी कहा गया।
💸 वित्तीय सहायता और रिपोर्टिंग संभाग मुख्यालय जिलों को ₹20 लाख और अन्य जिलों को ₹10 लाख की राशि राहत कार्यों हेतु जारी की गई। साथ ही प्रदेशभर से जर्जर संरचनाओं, जलभराव स्थलों और नदी-नालों की विधानसभावार रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
🌊 जल संरक्षण पर समीक्षा और सुझाव ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के तहत रिचार्ज संरचनाओं के स्थान चिन्हित कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ के तहत हुए कार्यों की समीक्षा के साथ उनके सुधार के सुझाव भी मांगे गए।