सहकारिता मंत्री ने जनसुनवाई प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

By admin
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सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों का निस्तारण एक माह के भीतर किया जाना चाहिए। साथ ही, बार-बार झूठी शिकायतें करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें चिह्नित करने की आवश्यकता है।

गौतम दक मंगलवार को अपेक्स बैंक सभागार में मंत्री कार्यालय से प्रेषित जनसुनवाई प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि सहकारी समितियों में अनियमितताओं के मामलों में कोई कोताही न बरती जाए। दोषी कार्मिकों के साथ-साथ जांच में देरी करने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्यवाही हो। अनियमितताओं में लिप्त कार्मिकों की वित्तीय शक्तियां निलंबित करने और समय पर एफआईआर तथा आरोप पत्र जारी करने की कार्यवाही हो। गबन से जुड़े मामलों में नियमानुसार धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर संपत्ति अटैच की जाए।

मंत्री ने कहा कि निलंबन की स्थिति में संबंधित कार्मिक के विरुद्ध न्यायालय में तत्काल कैवियट दायर की जाए ताकि कोई एकतरफा राहत न मिल सके। इसके लिए विभागीय स्तर पर परिपत्र भी जारी किया जाए। बीमा कंपनियों से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए। मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के मामलों में कार्रवाई के लिए केंद्रीय रजिस्ट्रार को पत्र लिखा जाए। सहकारी अधिनियम की धारा 55 के तहत जांचों की समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रकरणों का प्राथमिकता से समाधान हो और जो अधिकारी समय पर उत्तर नहीं भेजते, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। राज्य में नई पैक्स समितियों के गठन के लिए शिथिलता दी गई है, इसलिए इस दिशा में तुरंत कार्रवाई हो। सभी जिलों में नवगठित पैक्स पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किए जाएं।

सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल ने कहा कि विभाग समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रयासरत है। चुनिंदा मामलों में जांच लंबित है, लेकिन जांच सेल का गठन कर इन्हें समय पर निपटाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जवाब समय पर भेजे जाएं और प्रगति रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर अपडेट हो। पुराने लंबित जांच मामलों की स्थिति भी एक माह के अंदर अपडेट की जाए।

बैठक में राजफेड के प्रबंध निदेशक टीकम चंद बोहरा समेत सभी फंक्शनल और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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