राजकीय आत्मनिर्भर मंदिर गोगाजी गोगामेड़ी मेले की शुरुआत इस वर्ष भाद्रपद पूर्णिमा के दिन 9 अगस्त को सुबह 9:30 बजे ध्वजारोहण के साथ होगी। यह मेला पूरे एक महीने तक चलेगा और 8 सितंबर को विसर्जन के साथ समाप्त होगा। यह उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में से एक है, और इस बार इसमें 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग ने सुविधाओं और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए लगभग 3000 लोगों की क्षमता वाले निःशुल्क रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। इन रैन बसेरों में बिजली, पंखे, कूलर, पेयजल, विस्तर और स्वच्छ शौचालयों की सुविधा दी जाएगी।
हर शाम 7 से 10 बजे तक लेजर लाइट और साउंड शो का आयोजन होगा। इसके अलावा 30 और 31 अगस्त को पर्यटन और देवस्थान विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा जिसमें देशभर से कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र और पार्किंग स्थानों पर 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर परिसर में स्थाई बैरिकेडिंग की गई है और अस्थाई व्यवस्था में भी शौचालय, पेयजल और हवा की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। धूप और बारिश से बचाव के लिए टॉवर टेंट लगाए जा रहे हैं और जिग-जैग बैरिकेडिंग से दर्शन की प्रक्रिया को और सुविधाजनक बनाया गया है।
मेले में आरती के समय निर्धारित किए गए हैं—प्रभात आरती सुबह 4:30 से 5:30, राजभोग आरती सुबह 10:15 बजे, संध्या आरती शाम 6:30 से 7:30 और शयन आरती रात 9 बजे होगी।
गोगामेड़ी सड़क मार्ग से कई राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो 258 किमी दूर है। सबसे पास के रेलवे स्टेशन हनुमानगढ़ और गोगामेड़ी हैं।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए विभिन्न समाजों और संस्थाओं की धर्मशालाएं उपलब्ध रहेंगी। इनके अलावा नोहर रिलीफ सोसायटी, मार्कण्डेय सेवा समिति, गोगाजी सेवा समिति और कई होटल जैसे होटल करणी, बी.एम. होटल, होटल स्वामी और होटल मोती पैलेस भी ठहराव की व्यवस्था में सक्रिय रहेंगे।
कोई भी श्रद्धालु सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकता है—देवस्थान कार्यालय: 01555-294628, मेला मजिस्ट्रेट कार्यालय: 01552-294629, पुलिस चौकी: 01555-294630।